मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में लगेंगे स्मार्ट मीटर

KANPUR: मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में अब केस्को मल्टी प्वाइंट कनेक्शन देगा। इसके साथ ही सिंगल प्वाइंट कनेक्शन वाली मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स में भी मल्टीप्वाइंट कनेक्शन करने की तैयारी केस्को ने शुरू कर दी है। यानि हर फ्लैट का अलग इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन हो जाएगा। इनमें स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। फिलहाल इनकी संख्या 16500 केलगभग बताई जा रही है.

आ रही हैं मुश्किलें

सिंगल से मल्टी प्वाइंट कनेक्शन के रास्ते में आ रही रूकावटें अभी तक दूर नहीं हुई है। मल्टी प्वाइंट कनेक्शन को लेकर मंगलवार को यूपी इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने मीटिंग की थी। वेडनेसडे को डायरेक्टर कामार्शियल अजय कुमार ने केस्को ऑफिसर्स संग मीटिंग की। मीटिंग में बताया गया कि सिंगल से मल्टी प्वाइंट किए जाने में जरूरत के मुताबिक, ट्रांसफॉर्मर, बसबार, केबल आदि की जरूरत होंगी। यूपीईआरसी की गाइडलाइंस के मुताबिक यह खर्च बिल्डिंग में रहने वालों को उठाना होगा। इसके लिए रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) तैयार करना होगा। डायरेक्टर अजय कुमार ने बताया कि ऑफिसर्स को आरडबल्यूए से बात कर समस्या हल करने को कहा।

सिंगल को मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में बदलने का फैसला

एकतरफा-आरडब्लूए

राज्य विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) के सिंगल प्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन को मल्टी प्वाइंट कनेक्शनों में बदले जाने के फैसले को रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी (आरडब्लूए) ने विरोध किया है।

आरडब्लूए के नमित अरोड़ा व प्रतीक फेडोरा ने बुधवार को कहा कि आयोग ने निर्णय लेने से पहले कई अन्य मुद्दों का समाधान करना चाहिए था। लोगों को अब दोबारा से एक नया पावर स्टेशन लगाना होगा। साथ ही नए मीटर भी लगवाने होंगे। इतना ही नहीं उन्हें पावर-बैकअप के लिए भी फिर से एक अलग सेटअप कराना होगा। इन सबका खर्चा लाखों में आएगा, जो विद्युत उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।

आरडब्लूए के नमित अरोड़ा व प्रतीक फेडोरा ने कहा कि इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि यह खर्च कौन वहन करेगा जबकि हम पहले ही इन सबका खर्च उठा चुके हैं। उन्होंने आयोग से इस मसले का समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि जो मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के पावर सप्लाई का मेन मीटर होगा उससे जब व्यक्तिगत कनेक्शन वाले मीटरों को आगे सप्लाई किया जाएगा तो 4-5 प्रतिशत बिजली का नुकसान होगा। तो मल्टी कनेक्शन को लागू होने के बाद अगर यह नुकसान पांच प्रतिशत से उपर गया तो इसका भुगतान उपभोक्ताओं की ही जेब पर भारी पड़ेगा। पंकज चौधरी, आरडब्ल्यूए, लीला होम्स ने कहा कि कॉमन एरिया में लगने वाले विभिन्न फैसिलिटिज जैसे कि लिफ्ट, स्ट्रीट लाइट्स, कॉमन एरिया लाइटिंग इत्यादि में लगने वाले इलेक्ट्रिक प्वाइंट्स के मीटरों व बैकअप का खर्च कौन उठाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कॉमन एरिया में ये इतने सारे मीटर और बैकअप लगेंगे तो उनकी फैमिली कॉमन एरिया की सुविधाएं कैसे उठा पाएंगी। तारों के जंजाल में उनके बच्चों का ध्यान कौन रखेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपीईआरसी उपभोक्ताओं की परेशानियों पर ध्यान देगी।

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