कानपुर :शहर में चार लाख से अधिक मधुमेह पीड़ित

कानपुर : मधुमेह विश्व की सबसे बड़ी बीमारी बनकर लोगों को अपना शिकार बना रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व भर में 41.5 करोड़ मधुमेह रोगी है। 2040 तक यह संख्या 64.2 करोड़ तक पहुंच जाएगी। भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या करीब सात करोड़ है। इससे दोगुने लोगों को शुरुआती मधुमेह का खतरा है। अनुमान के मुताबिक 2025 तक विश्व का हर पांचवां मधुमेह रोगी भारतीय होगा। 1शहर में तेजी से फैल रहा मधुमेह: मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. नंदनी रस्तोगी और डॉ. बृज मोहन की अगुवाई में 2014-15 में 12 जिलों के 8000 लोगों का डोर टू डोर सर्वे कराया गया। शहरी इलाकों में 7.8 फीसद, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 6.4 फीसद लोग मधुमेह के शिकार मिले।

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बुखार कर रहा दिमाग को बीमार

KANPUR: कानपुर में फैले बुखार और डेंगू के प्रकोप ने कानुपराइट्स के बॉडी का केमिकल बैलेंस बिगाड़ दिया है। इस वजह से जो बुखार हफ्ते भर में सही हो जाता था उसे सही होने में दो हफ्ते से ज्यादा समय लग रहा है। इतना ही नहीं इस खतरनाक बुखार से पेशेंट्स के दिमाग पर भी असर पड़ रहा है, जिसकी वजह उनका मेंटल बैलेंस बिगड़ रहा है। इसका खुलासा मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर्स के सर्वे में हुआ है।

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KANPUR: कानपुर में फैले बुखार और डेंगू के प्रकोप ने कानुपराइट्स के बॉडी का केमिकल बैलेंस बिगाड़ दिया है। इस वजह से जो बुखार हफ्ते भर में सही हो जाता था उसे सही होने में दो हफ्ते से ज्यादा समय लग रहा है। इतना ही नहीं इस खतरनाक बुखार से पेशेंट्स के दिमाग पर भी असर पड़ रहा है, जिसकी वजह उनका मेंटल बैलेंस बिगड़ रहा है। इसका खुलासा मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर्स के सर्वे में हुआ है। 100 मरीजों की रिपोर्ट पर आई नेक्स्ट के पास मौजूद सर्वे के एक्सक्लूसिव डाटा के मुताबिक, उन्होंने मेडिसिन वार्डो में भर्ती 100 मरीजों की रिपोर्ट और ट्रीटमेंट को एनालाइज किया, जिसमें इसकी पुष्टि हुई है। सर्वे की अलर्ट करने वाली एक बात यह भी है कि इस केमिकल इंबैलेंस की वजह से मरीजों की किडनी पर भी बहुत असर पड़ रहा है।

 

बहुत अराजकता है हैलट अस्पताल में

कानपुर : हैलट अस्पताल का निरीक्षण करने सोमवार दोपहर आई केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने अव्यवस्था देखकर कहा कि बहुत अराजकता है यहां। इस दौरान मरीजों ने बाहर से दवाएं मंगवाने एवं जांच बाहर से कराने की शिकायत मंत्री से की। उनकी शिकायतें सुनकर मंत्री ने ईएमओ को बुलाकर सुधार के निर्देश दिए।

d2514केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री दोपहर 12:03 बजे अचानक हैलट इमरजेंसी पहुंच गई। कुछ देर इमरजेंसी की लॉबी में रुकने के बाद बाहर निकल आई। उनके बाहर आते ही मरीजों व तीमारदारों ने घेर लिया और अपना दु:खड़ा रोने लगे। उन्हें बताया कि पैथालॉजी की मशीनें खराब पड़ी हैं। इलाज कराने को जांच से लेकर दवाएं तक बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। यह सुनकर दोबारा अंदर गई। वहां पूछा कि कौन ईएमओ है। उस समय इमरजेंसी प्रभारी डॉ. आरएल महीप वहां थे। उनसे पूछा कितने बेड हैं। वह सही जवाब नहीं दे सके, बाद में संभलते हुए बताया कि यहां बीस बेड हैं। उसके बाद इमजरेंसी की मेडिसिन यूनिट गई। वहां भर्ती मरीजों से इलाज के बाबत पूछताछ भी की। उसके बाद वहां से सीधे हैलट में बदइंतजामी की वजह से पिता के कंधे पर दम तोड़ने वाले अंश के मरियमपुर चौराहा के पास स्थित घर गई। अंश के परिजनों से मिलीं। उसके पिता सुनील एवं मां अनीता को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि हैलट में व्यवस्थाएं ठीक होती तो हम यहां क्यों आते। इस दौरान विधायक सलिल विश्नोई एवं विधायक सत्यदेव पचौरी भी साथ थे।

अंश के पिता ने पत्‍‌नी के लिए मांगी नौकरी:केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री के समक्ष अंश के पिता सुनील ने कहा कि अगर मदद करनी है तो पत्‍‌नी सुनीता को सरकारी नौकरी दिला दीजिए। इस पर उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में जो हो सकेगा मदद करेंगे।