कानपुरः नन्हे डांसर रितिक का घर चोरों ने किया साफ

सुपर डांसर चैप्टर-2 में नन्हा रितिक के घर में चोरी।

एक तरफ सुपर डांसर चैप्टर-2 में नन्हा रितिक गली-गली तेरी लौ जली जियो रे बाहुबली पर डांस का धमाल मचा रहा था वहीं दूसरी ओर से चोर उसके घर सेंध लगा रहे थे। पूरा परिवार अपने लाडले का कार्यक्रम देखने मुंबई गया हुआ था। इधर चोरों ने मकान का ताला तोड़कर लाखों की नकदी और जेवर साफ कर दिया। घटन बिधनू की है। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की।
एक प्रसिद्ध चैनल में आने वाले सुपर डांसर चैप्टर-2 में बिधनू का रहने वाला रितिक दिवाकर टॉप-9 में जगह बना चुका है। चैनल वालों ने रितिक के परिजनों को मुंबई बुलाया था। उसके डांस मास्टर योगेश कुशवाहा के साथ पिता गौरीशंकर दिवाकर, मां नेहा, बहन रितिका शनिवार को सिद्धार्थ नगर स्थित घर पर ताला डालकर मुंबई चले गए। मंगलवार सुबह पड़ोसियों ने मकान के मेनगेट का ताला टूटा देखा। जानकारी पर रितिक के चाचा मनोज आए। अंदर कमरे का ताला भी टूटा पड़ा था। चोरों ने अलमारी का लॉकर भी तोड़ दिया था। नेहा ने मोबाइल पर बताया कि घर के निर्माण के लिए लॉकर में तीन लाख रुपए रखे थे। करीब सवा लाख के जेवर भी थे। चैनल वालों के बुलावे पर जल्दबाजी में पैसे और जेवर सुरक्षित जगह नहीं रख पाए। मनोज के मुताबिक आलमारी का लॉकर तोड़कर चोर सब कुछ लेकर चंपत हो गए हैं। गौरीशंकर मुंबई से लौट रहे हैं। एसओ बिधनू का कहना है कि मकान मालिक के लौटने पर चोरी गई नकदी और जेवरात का सही पता चलने के बाद रिपोर्ट लिखी जाएगी।

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सोशल मीडिया की मुहिम लाई रंग, 22 छात्रों को आईआईटी ने किया सस्पेंड

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कानपुर. आईआईटी कैंपस में दो महिने पहले जुनियर छात्रों के साथ सीनियरों ने रैंकिंग की थी। पीड़ितों ने इसकी शिकायत आईआईटी प्रशासन से की, लेकिन उन पर जब कार्रवाई नहीं हुई तो जुनियरों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। इसके बाद मामला बढ़ता देख आईआईटी प्रशासन ने देररात एक एतिहासिक फैसला लेते हुए 16 छात्रों को तीन तो छह को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया।

डिप्टी डॉयरेक्टर मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि पांच सदस्यीय जांच टीम ने पूरे प्रकरण को जाना और अपनी रिपोर्ट डीन को सौंपी, जिसमें जूनियरों के लगाए आरोप सही पाए गए। हमने आरोपी छात्रों को अवगत करा दिया है और इस फैसले से सस्पेंड छात्रों को अवगत भी करा दिया।

पांच सदस्यीय टीम ने आरोप पाए सही

दो महीने पहले आईआईटी कैंपस में सीनियरों ने जुनियरों छात्रों के साथ रैंकिग की थी।आरोपियों ने उन्हें मुर्गा बनाने के साथ महिला लिवाज में नचाया। जुनियरों से जब इसका विरोध किया तो उन्हें पीटा गया। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। बावजूद जुनियर छात्रों ने पूरे प्रकरण को आईआईटी प्रशासन के समक्ष रखा, लेकिन दाग लगने के डर के चलते मामला छिपाने की कोशिश की गई। इससे गुस्साए जुनियर छात्रों ने सोशल मीडिया में पूरी घटना को शेयर कर दिया। आईआईटी प्रशासन इसी के बाद हरकत में आया और पांच सदस्यीय जांच टीम बना दी। देररात टीम ने अपनी रिपोर्ट में सीनियरों को दोषी पाया। इंस्टिट्यूट के डिप्टी डॉयरेक्टर मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक,16 छात्र 3 साल और बाकी 6 छात्र एक साल के लिए निलंबित हुए हैं। सस्पेंड छात्र अपनी सजा पूरी करने के बाद ही इस संस्थान में पढ़ई कर सकते है।

सीनियरों को भी दिया गया मौका

अगस्त में सेकंड ईयर के छात्रों ने हॉस्टल में फ्रेशर्स के कपड़े उतरवा उन्हें आपस में अश्लील हरकतें करने को मजबूर किया था। मामला जानकारी के बाद जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने 22 सीनियर्स को रैगिंग का दोषी माना था। दशहरे के पहले सीनेट ने सभी दोषी छात्रों को निलंबित कर दिया था। रविवार और सोमवार को उन्हें अपना पक्ष रखने का एक मौका दिया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद सोमवार को सर्वसम्मति से रैगिंग के मुख्य आरोपी 16 छात्रों को तीन साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया। बचे हुए दोषी 6 छात्र एक साल तक निलंबित रहेंगे।

प्रोफेसर ने पीड़ित छात्रों के दिया साथ

रैगिंग के बाद संस्थान के प्रफेसर धीरज संघी ने एक ब्लॉग पोस्ट लिखी थी। इसमें पूरे मामले का सिलसिलेवार विवरण दिया गया था। इसके बाद संस्थान प्रशासन इस मामले को दबा नहीं सका और कड़ी कार्रवाई के लिए उसे मबजूर होना पड़ा। एक पीड़ित छात्र ने बताया कि दो महीने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया।

शिकायत वापस लेने के लिए कुछ प्रोफेसर भी दबाव बनाने रहे, लेकिन हम नहीं माने। सीनियरों ने हमें परिसर से बाहर जाने पर रोक के साथ ही मीडिया से बात नहीं करने पर रोक लगा दी। इसी के बाद हम सभी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और हमें आज इंसाफ मिला। ये कार्रवाई यहां एजुकेशन लेने आने वाले छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

 

आईआईटी रैगिंग 16 छात्र 3 साल के लिए सस्पेंड

योगीराज: इलाहाबाद के धूमनगंज मेंमहिलाओं को घर से खींच पुलिस ने बरसाये डंडे

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इलाहाबाद। सूबे में योगीराज आते ही शराब बंदी के ख‍िलाफ मोर्चा खोले महिलाओ पर आखिरकार वर्दीधारियों की कुदृष्टि पड़ ही गयी। इलाहाबाद के धूमनगंज में शराब की दुकान के सामने हंगामा करने पर खफा पुलिस में महिलाओं पर ही लाठियां भांजनी शुरू कर दी। पुल‍िस की इस कार्रवाई से महिलाएं स्तब्ध हैं क्योंकि योगीराज में इन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी। महिलाओ को उनके घर से बाहर खींच कर पीटा गया। जबकि घर मे रहे बच्चों को पुलिस घसीट ले गयी।

महिलाओ ने काटा हंगामा
शहर के सराय ममरेज के जंघई बाजार में महिलाओं के साथ कुछ पुरुषों ने शराब और बीयर की दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। शराब और बीयर की पेटियों को सड़क पर फेंक दी गई।

 भीड़ ने दुकान के बाहर खड़ी बाइकों को भी नुकसान पहुंचाया। बाजार में हो रहे हंगामे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को भगाया।

घर में घुसकर की बदसलूकी
लेकिन पुलिस ने तो हद ही कर दी और ऐसा रूप दिखा जो शर्मनाक रहा। घरों में घुसकर वर्दीधारियों ने महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की। उन्हें घर से बाहर खींच लाये। महिलाओं का आरोप है कि पुरुष पुलिस वालों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ ही महिलाओं से दुर्व्यवहार भी किया और उन्हें पीटा है। पुलिस वालों द्वारा एक महिला के साथ सरेआम बदतमीजी की गई, जिसकी फोटो भी वायरल हुई है। मालूम हो कि सूबे मे योगी सरकार के आते ही शराबबंदी के लिये महिलाओ ने मोर्चा खोल दिया है।

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सोशल मीडिया के साथ हाईटेक हुई पुलिस, फेसबुक-ट्वीटर के बाद यूट्यूब लाइव चैनल पर उपलब्ध

with-social-media-hightech-police-youtube-live-channels-availableसोशल मीडिया के साथ हाईटेक हुई पुलिस अब फेसबुक-ट्वीटर के बाद यूट्यूब लाइव चैनल पर भी जनता के लिए उपलब्ध हो गई है। इससे लोगों से सीधी पैठ बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

यूपी पुलिस यू ट्यूब के चैनल में हरदोई की पुलिस भी शामिल हो रही है।

एसपी ने बताया कि जनता से सीधा जुड़ाव के लिए महानिदेशक के निर्देश पर पूरे प्रदेश में यह प्रयास यू ट्यूब के माध्यम से किया है। लोगों के बीच पुलिस की मित्र वाली छवि के लिए फेसबुक व ट्वीटर पर भी पीआरओ हरदोई के नाम से एकाउंट हैं। इन एकाउंट पर पुलिस अपने प्रयासों से किए गए कार्याें को फेसबुक पर लोड करती ही रही है। इसके अलावा लोगों से सुझाव या शिकायत भी आमंत्रित किया है।

इसके बाद अब पुलिस विभाग के तकनीकी विभाग ने यूपी पुलिस नाम से यू-ट्यूब पर चैनल बनाया है। इसका उद्देश्य पुलिस के किए जाने वाले सराहनीय कार्यों से जुड़े वीडियो को यू-ट्यूब पर अपलोड किया जाना और लोगों तक सीधे पहुंचना है। एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि इस चैनल से पूरे प्रदेश के जिलों की तरह अपना जिला भी जुड़ेगा। महानिदेशक केे आए निर्देशों को पुलिस अधिकारियों व

सीओ को भिजवा दिया हैं। पुलिस की छवि सकारात्मक हो सके इसको लेकर अधिकारियों के नए प्रयास है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व पुलिस विभाग आनलाइन एफआइआर और मुकदमों पर की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रखने के लिए सीसीटीएनएस शुरू कर चुकी है।

इन गतिविधियों पर वीडियो लोड करने के निर्देश 
वृद्ध की मदद करते हुए, यातायात से संबंधित, साइबर क्राइम, ह्यूमन राइट के संबंध में आयोजित किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रम, पुलिस के महत्वपूर्ण अवसर परेड, पुलिस स्मृति दिवस, जनपद में चलाए जाने वाले ऑपरेशन, ऑपरेशन साहस व पुलिस के वीरतापूर्ण वीडियो आदि।

कानपुर में दिनदहाड़े डाकघर के बाहर से 22 साल के युवक को उठा ले गए वकील

कानपुर. यहां पर बड़े चौराहे पर स्थित मुख्य डाकघर के बाहर कुछ वकीलों ने जबरन एक युवक को किडनैप कर लिया। वहीं युवक की मां डाकघर में पैसा जमा करने के लिए लाइन में खड़ी रही। मौके पर पहुंची पुलिस के मुताबिक, पैसों के लेनदेन को लेकर कुछ वकीलों ने युवक को उठा कर कचहरी ले गए हैं।3 लाख रुपए जमा कराते वक्त हुआ हादसा …
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– मामला शुक्रवार दोपहर का है, जब कानपुर के बड़े चौराहे पर स्थित डाकघर में बारासीरोही कि रहने वाली सुषमा अपने क्लाइंट के कुल 3 लाख रुपए जमा करने आई थी। यह डाकघर में एजेंट का काम करती हैं।
– सुषमा के मुताबिक, क्लाइंट कणीज बेगम की रकम बड़ी होने की वजह से अपने बेटे राहुल(22) के साथ आई थी।
– उनका आरोप है, डाकघर मे जब रुपए जमा कर रही थी और बेटा बाहर इंतजार कर रहा था। इसी दौरान वहां कुछ वकील आए और अपने साथ जबरदस्ती बेटे को उठा ले गए।
पैसों देने का बनता था दबाव
– सुषमा के मुताबिक, उनकी क्लाइंट कणीज बेगम और आरोपी वकील के बीच कूछ विवाद चल रहा है।
– वकील इनके मोहल्ले मे ही रहता है और क्लाइंट से मिले पैसों को देने का दबाव बनता था।
– वहीं कणीज बेगम हीरामन पुरवा की रहने वाली हैं, जो पेशे से वकील हैं।
क्या कहना है पुलिस का ?
– एसओ राजीव कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, इस महिला की क्लाइंट और वकील के बीच 6 लाख रुपए का लेनदेन था। इसी को लेकर युवक को वकील कचहरी ले गए हैं।
– वकीलों ने कोई जबरदस्ती नहीं की, बल्कि युवक अपनी मर्जी से उनके साथ गया।

कानपुर में अलर्ट जारी

कानपुर : नोटों को बंद करने के आदेश के बाद जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया। डीएम ने रात में पुलिस, प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग समेत कई अफसरों को बुलाकर आपात टीमों का गठन कर दिया। सभी बैंकों के एटीएम के सामने चौकसी रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। अस्पतालों में साफ कह दिया गया है कि किसी भी सूरत में इन नोटों के कारण किसी का इलाज बंद नहीं होना चाहिए। दवा की दुकानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुराने नोट लेकर बिल बनाएं। बाद में बदलें। डीएम ने अपने आवास पर देर रात दस बजे बैठक की जिसमें पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि सारे थानों की पुलिस रात भर भ्रमणशील रहेगी। बुधवार को बाजारों से लेकर अस्पतालों में विशेष टीमें लगाई जाएंगी। दवा की दुकानों के सामने फोर्स रहेगी ताकि वे इमरजेंसी में नोट लेने से मना न कर सकें। जो मरीज भर्ती हैं उनके बिल भी बना सकते हैं ताकि बाद में उनसे रकम ले सकें। एसपीओ और सिविल डिफेंस के साथ ही कुछ एनजीओ को भी लोगों को समझाने के लिए कहा जाएगा। तय किया गया कि बुधवार को बैंकों की भी बैठक बुलाई गई है ताकि वे परेशान लोगों की मदद को स्पेशल टीम बनाएं। किसी शहरवासी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

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कानपुर कारतूस कांड में दो दबोचे

कानपुर के बालाजी गन हाउस भेजे गए कारतूस के पैकेट रास्ते में ही बदल दिए गए थे। कारतूसकांड की जांच कर रही एसटीएफ ने लखनऊ में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें कोरियर कंपनी का एजेंट शामिल है। एसटीएफ के मुताबिक साजिश कोरियर एजेंट की थी। एसटीएफ ने मिट्टी में दबाकर छिपाए गए 1853 कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। मेस्टन रोड स्थित बालाजी गन हाउस ने 2000 कारतूस लखनऊ के नजीराबाद स्थित पॉपुलर गन हाउस से मंगाए गए थे। 8 अगस्त 2015 को पॉपुलर गन ने दो पैकेट में कारतूस भेजे पर 10 अगस्त को जब बालाजी गन हाउस में पैकेट खोले गए तो कारतूसों की जगह कंकड़ निकले। इस पर दोनों गन हाउस मामला दबाने लगे। लगभग दो माह बाद मामला खुला तो बालाजी गन हाउस ने मूलगंज थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पॉपुलर गन के मालिक अब्दुल अहद और सेफ एक्सप्रेस कोरियर को आरोपी बनाया गया। तत्कालीन डीएम कौशल राज शर्मा ने दोनों गन हाउस व कोरियर कंपनी की भूमिका संदिग्ध मिलने पर एसटीएफ से जांच की सिफारिश की। शासन के निर्देश पर मामला एसटीएफ के पास था।

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