नियमों का करें पालन तो सुधरेगा ट्रैफिक

कानपुर : शहर की ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था के लिए सरकारी तंत्र के साथ ही जनता भी कम दोषी नहीं है। नियमों का पालन खुद भी करना होगा तभी ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त हो पाएगी। खुद भी सुरक्षित रहेंगा । ध्यान रखें तो न हो दुर्घटनाएं:आगे जाने वाली गाड़ी से निकलने के लिए हार्न दे और उसके चालक का संकेत प्रात होने पर ही आगे निकलें। ’ बिना लाइट के गाड़ी न चलाएं ’ रात्रि में गाड़ी चलाने से पहले ब्रेक लाइट चेक कर लें। ’ हेलमेट लगाकर मोटर साइकिल चलाएं ’ वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करें।मोड़ व चौराहे पर गाड़ी धीमी करें ’वाहन को निर्धारित गति से चलाएं।नाबालिगों को वाहन न चलाने दें।

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क्या आप भी पीते हैं रिफाइंड और डिटर्जेन्ट पाउडर से बना दूध?

रिफाइंड और डिटर्जेन्ट पाउडर से बना दूध क्या आप भी पीते हैं। दूध के माफिया इस मिलावटी दूध को बड़े शहरों की डेयरियों में खपा रहे हैं।  मिलावट का ये काला खेल लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि दूध में मिलावट को कैसे पहचानें।demo_1482845719
ऐसे तैयार किया जाता है नकली दूध
थोड़े से दूध में पहले जमकर लिक्विड वॉशिंग फैब्रिक डाला जाता है। इससे दूध की मात्रा बढ़ती है और उसमें फेन आता है। इसके बाद नकली दूध के कनस्तर में नकली रिफाइंड ऑयल मिलाया जाता है। ये नकली दूध को जरूरी चिकनाहट देता है। इसके बाद आधे घंटे तक दूध को फेटा जाता है, उसे घोंटा जाता है ताकि तेल और डिटरजेंट दूध में अच्छी तरह मिल जाएं। इसके बाद नल का पानी लेकर उस सिंथेटिक दूध में मिला दिया जाता है और सिंथेटिक दूध तैयार। इसी दूध को पीने के लिए आसपास के शहरों मे बेचा जाता है। इसी दूध से मिठाई और खोया बनाकर त्यौहारों में बेचा जाता है। जाहिर है ये दूध शरीर में बीमारियों का घर बनाता है।
दूध में मिलावट की ऐसे करें पहचान
दूध की बूंद को चिकनी सतह पर गिराएं। अगर बूंद धीरे बहे और सफेद निशान छोड़े तो शुद्ध दूध है। मिलावटी दूध की बूंद बिना निशान छोड़े तेजी से बह जाएगी।
यूरिया का पता ऐसे करें
टेस्ट ट्यूब में थोड़ा दूध और सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाएं। पांच मिनट बाद लाल लिटमस पेपर इसमें डुबोएं। अगर पेपर का रंग नीला हो जाए तो यूरिया मिला है।
वनस्पति की मिलावट ऐसे करें
3 ml दूध में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की 10 बूंद मिलाएं।  एक चम्मच चीनी मिलाने के पांच मिनट बाद लाल रंग हो जाएगा।
कैसे पहचानें सिंथेटिक दूध 
सिंथेटिक दूध स्वाद में कड़वा लगता है। उंगलियों के बीच रगड़ने पर साबुन जैसा चिकनापन लगता है। गर्म करने पर पीला पड़ जाता है।
नमूना लेकर जांच भी कराई जा रही
हमीरपुर भरुआ सुमेरपुर के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि इन कारोबारियों को नियमानुसार लाइसेंस दिया गया है और समय-समय पर इनके दूध का नमूना लेकर जांच भी कराई जा रही है। रुपये देने के मामले पर कहा कि आरोप निराधार हैं और वह इन दूध कारोबारियों का सैंपल प्रतिमाह लेकर जांच अवश्य कराएंगे। ताकि मानव जीवन के साथ यह खिलवाड़ न कर सकें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली:एसपीजी ने बदलवायीं व्यवस्थाएं

spgसपीजी के आईजी और उनके स्टाफ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री की रैली के स्थल का निरीक्षण करने के बाद कुछ महत्वपूर्ण पर्वितन कराये। एसपीजी के निर्देश पर कौशल विकास मंत्रालय की प्रदर्शनी का स्थान हेलीपैड के पास से हटाकर मंच के पीछे कर दिया गया है। साथ ही सेफ हाउस को मंच से थोड़ा दूर किया गया है। 19 दिसम्बर को निराला नगर रेलवे मैदान पर होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली की तैयारियों का सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण करने आये एसपीजी के आईजी के नांबियार ने अपने स्टाफ के साथ रैलवी स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही यहां होने वाली व्यवस्थाओं का ब्लू प्रिंट भी देखा। श्री नांबियार ने यहां व्यवस्था में लगे भाजपा नेताओं से कहा कि मंच के पीछे 200 मीटर तक कोई भी गाड़ी पार्क नहीं की जायेगी। अगर किसी गाड़ी का मंच के पीछे इस दायरे में जाना आवश्यक ही हो तो वह आकर यहां वीआईपी या वीवीआईपी मेहमान को छोड़ने के बाद मंच से 200 मीटर दूर चली जायेगी। मंच के पीछे बन रहे सेफ हाउस का स्थान भी उन्होंने बदलने को कहा। अब सेफ हाउस मंच से दूर बनेगा। मंच के पीछे कौशल विकास मंत्रालय द्वारा लगाये जाने वाली प्रदर्शनी के लिये स्थान तय किया गया। अभी तक यह प्रदर्शनी हेलीपैड के पास लगने वाली थी, लेकिन एसपीजी के आईजी श्री नांबियार ने कहा कि यह स्थान प्रदर्शनी के लिये मुफीद नहीं है। हेलीकाप्टर उतरने पर उसके पंखों से तेज हवा चलेगी, जिससे प्रदर्शनी की व्यवस्थाएं खराब हो जायेंगी। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से भी प्रदर्शनी का उस स्थान पर होना ठीक नहीं,जहां पास में ही प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर उतर रहा हो।

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सप्ताह के पहले दिन हांफा शहर का ट्रैफिक

jam-in-paradeKANPUR : सप्ताह के पहले दिन मंडे को शहर के विभिन्न चौराहों पर भीषण जाम की स्थिति बनी रही। यातायात को नियंत्रण करने में कई चौराहों पर ट्रैफिक सिपाही दिखाई दिए। वहीं कुछ चौराहों पर ट्रैफिक सिपाहियों का नामों निशान भी नहीं दिखाई दे रहा था। मंडे को सुबह ऑफिस टाइम लगभग 10 बजे से ही टाटमिल चौराहे से अफीमकोठी चौराहे तक जाम लगा रहा। वहीं चौराहे से चारों ओर जाने वाली सड़कों में जाम की यहीं स्थिति लगभग रेंगते ि1दखाई दी।

आराम फरमाता दिखा ट्रैिफक स्टाफ

सप्ताह के पहले दिन मंडे को जहां शहर के विभिन्न चौराहों पर भयंकर जाम लगा रहा तो कानपुराइट्स भी जैसे- तैसे जाम से मुक्ति पाने का प्रयास करते रहे। वहीं जाम को नियंत्रण करने वाले ट्रैफिक सिपाही चौराहों के एक किनारे कुर्सियों में आराम फरमाते दिखाई दिए। यह दृश्य आपको टाटमिल चौराहे पर आसानी से देखने को मिल जाएगा, जहां ट्रैफिक सिपाही चौराहे के किनारे अक्सर आराम फरमाते हैं।

इन चौराहों में लगा रहा जाम

टाटमिल, अफीमकोठी, जरीब चौकी, रामादेवी, बर्रा बाईपास, नरौना चौराहा, परेड चौराहा, बड़ा चौराहा, नई सड़क, मूलगंज चौराहा, हरजेंदर नगर, फूलबाग, किदवईनगर, गोविंद नगर चौराहे में पूरा दिन यातायात रेंगता दिखाई दिया.

रेलगाड़ी चली बैलगाड़ी की चाल , कई गाड़िया रद कई घंटों लेट आईं

नोटबंदी का असर ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों की समस्या पर भी दिख रहा है। सेंट्रल स्टेशन पर कैंटीन के वेंडर सामान बेचने के लिए घूम-घूम कर फेरी लगाते रहे लेकिन उन्हें खरीदार नहीं मिले। वैसे ट्रेन लेट होने पर अमूमन वेंडरों की चांदी होती है लेकिन इस बार नोटबंदी के कारण उनकी बिक्री फीकी रही। वेंडरों ने बताया कि यात्री सीमित मात्र में ही खानपान का सामान और पानी खरीद रहे हैं। पहले जैसे बिक्री नहीं रही।

प्लेटफार्म एक पर शाम 4:30 बजे गरीब रथ का परिवार के साथ इंतजार कर रहे रमाकांत और उनकी प}ी भटकते रहे। परिवार को राजू सिंह ने बताया कि ट्रेन के बारे में जानकारी ही ठीक से नहीं दी जा रही है। विलासपुर जा रहे राम सिंह बुजुर्ग मां, प}ी और चार साल के बच्चे के साथ स्टेशन पर चादर बिछाए लेटे मिले। मां कंबल से लिपटी थी। बेटे को मां नंदनी शाल से ढक कर कंधे से लगाए थीं। ऐसे नजारे हर प्लेटफार्म पर आम हैं। रमाकांत भी अपनी प}ी प्रिया के साथ एक कोने में ट्रेन के इंतजार में मायूस से बैठे दिखे। आईआईटी के छात्र अभिषेक जैन दिल्ली की ट्रेन के बारे में जानकारी लेने के लिए भटकते मिले। प्लेटफार्म एक पर पांच घंटे देरी से चल रही लखनऊ जयपुर एक्सप्रेस से यात्र करने आए मेधांश ने बताया कि थोड़ी देर में ट्रेन का समय बढ़ रहा है। इससे तनाव बढ़ रहा है।

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सोशल मीडिया के साथ हाईटेक हुई पुलिस, फेसबुक-ट्वीटर के बाद यूट्यूब लाइव चैनल पर उपलब्ध

with-social-media-hightech-police-youtube-live-channels-availableसोशल मीडिया के साथ हाईटेक हुई पुलिस अब फेसबुक-ट्वीटर के बाद यूट्यूब लाइव चैनल पर भी जनता के लिए उपलब्ध हो गई है। इससे लोगों से सीधी पैठ बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

यूपी पुलिस यू ट्यूब के चैनल में हरदोई की पुलिस भी शामिल हो रही है।

एसपी ने बताया कि जनता से सीधा जुड़ाव के लिए महानिदेशक के निर्देश पर पूरे प्रदेश में यह प्रयास यू ट्यूब के माध्यम से किया है। लोगों के बीच पुलिस की मित्र वाली छवि के लिए फेसबुक व ट्वीटर पर भी पीआरओ हरदोई के नाम से एकाउंट हैं। इन एकाउंट पर पुलिस अपने प्रयासों से किए गए कार्याें को फेसबुक पर लोड करती ही रही है। इसके अलावा लोगों से सुझाव या शिकायत भी आमंत्रित किया है।

इसके बाद अब पुलिस विभाग के तकनीकी विभाग ने यूपी पुलिस नाम से यू-ट्यूब पर चैनल बनाया है। इसका उद्देश्य पुलिस के किए जाने वाले सराहनीय कार्यों से जुड़े वीडियो को यू-ट्यूब पर अपलोड किया जाना और लोगों तक सीधे पहुंचना है। एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि इस चैनल से पूरे प्रदेश के जिलों की तरह अपना जिला भी जुड़ेगा। महानिदेशक केे आए निर्देशों को पुलिस अधिकारियों व

सीओ को भिजवा दिया हैं। पुलिस की छवि सकारात्मक हो सके इसको लेकर अधिकारियों के नए प्रयास है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व पुलिस विभाग आनलाइन एफआइआर और मुकदमों पर की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रखने के लिए सीसीटीएनएस शुरू कर चुकी है।

इन गतिविधियों पर वीडियो लोड करने के निर्देश 
वृद्ध की मदद करते हुए, यातायात से संबंधित, साइबर क्राइम, ह्यूमन राइट के संबंध में आयोजित किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रम, पुलिस के महत्वपूर्ण अवसर परेड, पुलिस स्मृति दिवस, जनपद में चलाए जाने वाले ऑपरेशन, ऑपरेशन साहस व पुलिस के वीरतापूर्ण वीडियो आदि।

नोटबंदी: कानपुर में बैंकों के बाहर सुरक्षा के सख्त इंतजाम

postoffice1-25-11-2016-1480056017_storyimageआज से एक हजार के नोट का चलन पूरी तरह बंद हो जाएगा। लोग सिर्फ बैंक में इसे जमा करा सकते हैं। इन आदेशों के बाद शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसे लेकर पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। सभी पुलिस कर्मियों समेत थाने स्तर पर ड्यूटियां लगा दी गई है। एसएसपी, आकाश कुलहरि ने बताया कि कानून व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। ड्यूटियां लगा दी गई है। कोई भी अराजक तत्व जिसने माहौल खराब करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्हें यह निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने थानाक्षेत्र के बैंकों के आसपास हर वक्त किसी न किसी की ड्यूटी लगाकर रखेंगे। इसके अलावा बराबर पेट्रोलिंग भी करते रहेंगे। इसके अलावा हर थानाक्षेत्र में तीन से चार बैंकों का ग्रुप बनाकर एक एलआईयू अफसर की ड्यूटी लगाई गई है। नए रंगरूटों की बैंक के आसपास सड़कों पर ड्यूटी लगाई गई है। लखनऊ से यूपी 100 के वाहनों को भी अलर्ट रहने के आदेश दे दिए गए हैं। उन्हें यह कहा गया है कि बैंकों के आसपास ही अपनी लोकेशन रखेंगे ताकि कोई व्यवस्था बिगड़ती है तो उसे हेंडल कर सके।

कोचों में धड़धड़ाहट पर यात्रियों ने रुकवाई उद्योग कर्मी एक्सप्रेस

25akb1-25-11-2016-1480083013_storyimageपुखरायां रेल हादसे की दहशत का असर शुक्रवार को उद्योग कर्मी एक्सप्रेस के यात्रियों में दिखा। ट्रेन के स्लीपर कोचों से धड़धड़ाहट की आवाज सुनाई तो सभी कांप उठे। आनन-फानन में गार्ड और चालक ने लालपुर स्टेशन पर ट्रेन रोकी और चेक किया। कुछ न मिलने पर फिर चला दी। इस पर यात्रियों ने मलासा स्टेशन के पास चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवा ली। भीड़ नीचे उतर आई और कोचों को पूरी तरह से चेक कराने की मांग शुरू कर दी। यात्रियों के तेवर देख ट्रेन दुर्घटनास्थल पर काम कर रहे राहत दल को बुला एक-एक डिब्बे को चेक कराया गया। इंजीनियरिंग टीम की रिपोर्ट के बाद भीड़ शांत हुई। इसके बाद ट्रेन समय से लगभग ढाई घंटे विलंब से वलसाड को रवाना हुई।

कानपुर सेंट्रल से चली उद्योग कर्मी एक्सप्रेस (12944) प्लेटफार्म नंबर एक से सुबह 8:25 बजे चली। जैसे ही ट्रेन ने भीमसेन जंक्शन पार किया तो एस-12 और 14 नंबर कोच से आवाजें आने लगीं। मौके की नजाकत भांप गार्ड ने चालक को ट्रेन रोकने के लिए कहा। साढ़े नौ बजे लालपुर स्टेशन पर ट्रेन रोकी गई और स्टेशन स्टाफ ने चेक किया। संतुष्ट होने पर ट्रेन को चला दिया गया। अभी मलासा स्टेशन पहुंचने ही वाली थी तभी यात्रियों को दोनों कोचों से धड़धड़ाहट की आवाजें सुनाई पड़ीं। सभी दहशत में आ गए और चेनपुलिंग कर दी। तब तक ट्रेन मलासा स्टेशन के लूपलाइन पर पहुंच चुकी थी। इसके बाद यात्री ट्रेन से उतर प्लेटफार्म पर आ गए और मांग करने लगे कि जब तक कोई फिट होने की लिखित जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। ऐसे में टीएक्सआर दल को बुलाकर पूरे कोच चेक कराए गए। टीम ने यात्रियों की मौजूदगी में जब यह रिपोर्ट दी कि कोचों में कोई गड़बड़ी नहीं है। इस चक्कर में ट्रेन दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे मलासा से रवाना हो सकी।

पुखरायां रेल हादसे से भयभीत रेल अफसरों ने जैसे ही उद्योग कर्मी एक्सप्रेस चेकिंग को खड़ी कराई गई, वैसे ही कंट्रोल के जरिए रेलवे बोर्ड को सूचना दी। इसकी वजह से मंडल और जोन के अधिकारी पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे।